वजन कम करने की 5 आयुर्वेदिक औषधियाँ

बदलती हुई जीवन शैली, शारीरिक श्रम ना करना और संतुलित आहार ना लेने के कारण सही वजन बरकरार रखना मुश्किल होता है। परिणामस्वरूप मोटापा बढ़ जाता है। इस मोटापे को नियंत्रित करने के लिए पुराने जमाने से चली आ रही आयुर्वेदिक औषधियाँ कारगर हैं।

आयुर्वेद” शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, आयु और वेद। “आयु” का मतलब है “ज़िंदगी” और “वेद” का मतलब है “ज्ञान”। आयुर्वेद में युगों से चलते आ रहे कई रहस्य समाये हुये हैं, जिनमें पाचन को स्वस्थ रखने, जहरीले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने और सम्पूर्ण जीवन जीने की बातें बताई हुई हैं। आयुर्वेद के अनुसार, आपके दोषों में असंतुलन होने से वजन बढ़ता है और कई अन्य चीजें भी प्रभावित होती हैं। ये तीन दोष हैं वात, पित्त और कफ।

त्रिफला वजन कम करने की एक विशेष औषधि है जिसे हरीतकी, बिभिताकी और अमलाताकी को मिलाकर बनाई जाती है। धीरे-धीरे वजन कम करने में भी यह उपयोगी है। त्रिफला का रोजाना सेवन करने से आपकी पाचन क्रिया सुधरती है और शरीर को खाने से ज्यादा पोषण मिलता है इसलिए आपको बार-बार भूख महसूस नहीं होती है।

आयुर्वेद के अनुसार, आपके कफ में असंतुलन होने से वजन बढ़ता है। गुग्गल आंत से कोलेस्ट्रॉल और फैट कम करने में मदद करता है। यह मैटाबोलिज़्म को बढ़ाता है जिससे वजन नहीं बढ़ता है। गुग्गल के सेवन से लिवर भी सही काम करता है और फैट भी सही मैनेज रहता है, इस प्रकार यह वजन कम करता है। इस्तेमाल गुग्गल को रोजाना गर्म पानी के साथ लेने से पाचन ठीक होता है।

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